आज की ताजा खबर
करोड़ों खर्च, फिर भी शुद्ध पेयजल से वंचित ग्रामीण; चार साल बाद भी अधूरी पड़ी जल जीवन मिशन की योजनाएं
Lucknow Cyber Fraud: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 119 गिरफ्तार, 250 करोड़ की ठगी का खुलासा | UP News
बेटी के जन्म पर महाराजा भवन में मना 'लक्ष्मी उत्सव', लड्डू महाराज ने नातिन के चरण माथे लगाकर की पूजा
लोहिया पार्क में योग की गूंज, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सैकड़ों योग साधकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
GSVM मेडिकल कॉलेज में खुलेगी AI आधारित लो विजन यूनिट, धुंधली दृष्टि वाले मरीजों को मिलेगा बड़ा सहारा
- होम
-
राज्य
- राजस्थान
- बिहार
- दिल्ली
- उत्तराखंड
-
उत्तर प्रदेश
- लखनऊ
- कानपुर-नगर
- बुंदेलखंड
- सीतापुर
- सुल्तानपुर
- रायबरेली
- बरेली
- पीलीभीत
- अमेठी
- बाराबंकी
- हरदोई
- कुशीनगर
- प्रयागराज
- अयोध्या
- गोरखपुर
- गोंडा
- बहराइच
- कौशांबी
- लखीमपुर
- शाहजहांपुर
- उन्नाव
- फतेहपुर
- कानपुर-देहात
- औरैया
- इटावा
- मैनपुरी
- फर्रुखाबाद
- कन्नौज
- आगरा
- फिरोजाबाद
- अलीगढ़
- एटा
- मथुरा
- गाजियाबाद
- उरई
- हमीरपुर
- चित्रकूट
- बांदा
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
- मध्य प्रदेश
- मनोरंजन
- बिजनेस
- करियर
- राशिफल
- लाइफस्टाइल
- खेल
- देश
- राजनीति
- दुनिया
टीईटी से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की मांग तेज, सांसद जयप्रकाश रावत को सौंपा ज्ञापन
- दैनिक लोक भारती
- 07 Jul, 2026
हरदोई। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, हरदोई के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद जयप्रकाश रावत से उनके आवास पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा टीईटी को शिक्षक नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता घोषित किए जाने तथा 29 मई 2024 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद देश एवं उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों में भविष्य को लेकर चिंता का माहौल है।
महासंघ का कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति टीईटी लागू होने से पहले तत्कालीन नियमों एवं निर्धारित शैक्षिक योग्यताओं के आधार पर विधिवत हुई थी, उन्हें बाद में लागू किए गए पात्रता मानकों के आधार पर प्रभावित करना न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।
जिला संयोजक सचिन मिश्रा ने कहा कि संबंधित शिक्षक वर्षों से शिक्षा व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसलिए टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कदम उठाए, ताकि उनके अधिकारों और भविष्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सांसद जयप्रकाश रावत ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वह आगामी संसद के मानसून सत्र में इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाएंगे और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे।
इस दौरान अनिल दीक्षित, अवनीश तिवारी, अमित शुक्ला, राम किंकर बाजपेई, अरुण बाजपेई, सौरभ सिंह, प्रदीप गुप्ता, विनीत अग्निहोत्री, अजीत शुक्ला, अभिषेक टंडन, विनीत श्रीवास्तव, खुशबु श्रीवास्तव, पुष्पांजली वर्मा, अमर ज्योति सिंह, दिनेश प्रजापति, राजेश गुप्ता, तिरुपति आर्या, यतींद्र मौर्य, अशोक सिंह, संजय विक्रम सिंह, अमित शर्मा, आशीष अग्निहोत्री, संजय सिंह, पीयूष त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *

ई_पेपर







